[1]
“दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद में वसुधैव कुटुंबकम की अवधारणा : एक दार्शनिक एवं समकालीन विश्लेषण”, SGIJSH, vol. 1, no. 2, pp. 122–146, Sep. 2026, doi: 10.68219/fk4pxc80.